
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग-उन की मुलाकात को विदेश मंत्रालय ने एक सकारात्मक कदम बताया। दोनों देशों के बीच समझौते पर हस्ताक्षर होने के बाद मंत्रालय ने कहा कि भारत कोरियाई प्रायद्वीप पर बातचीत और कूटनीति के जरिए शांति स्थापित करने के पक्ष में है। उम्मीद है कि प्योंग्यांग तक परमाणु तकनीक पहुंचाने में भारत के पड़ोसी देश की भूमिका की जांच होगी। बता दें कि कई वैज्ञानिक दावा कर चुके हैं कि पाकिस्तान ने ही उत्तर कोरिया को 2005 में परमाणु तकनीक मुहैया कराई थी।
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