Get girl sex toy

Thursday, July 19, 2018

नीरज जी कहते थे-इतने बदनाम हुए हम तो इस जमाने में, लगेंगी आपको सदियां हमें भुलाने में

महाकवि गोपाल दास नीरज नहीं रहे। वे देह त्यागकर गीत छोड़ गए हैं। नीरज, जीवन के दर्शन के रचनाकार थे। नीरज साहित्य की एक लंबी यात्रा के पथिक रहे। गीत, कविता, दोहे और शेर, उनकी कलम हर जगह चली। मंचीय कविता के कवि के रूप में नीरज को जितनी लोकप्रियता मिली, उतनी शायद ही किसी कवि को मिली। करीब 50 साल तक वे सक्रिय लेखनी और मंच से जुड़े रहे। 90 की उम्र में भी वह मंच पर कविता और गीत पढ़ते रहे। फिल्मों में जीवन रास नहीं आया, तो मुंबई से लौट आए, पर गीत लिखते रहे। देश की जानी-मानी हस्तियों ने उनके साथ बिताए लम्हे साझा किए।

आज की ताज़ा ख़बरें पढ़ने के लिए दैनिक भास्कर ऍप डाउनलोड करें

from Today's Top Hindi News Headlines From India and World - Dainik Bhaskar https://ift.tt/2LlupIO

No comments:

Post a Comment